भारत में लोगों से सेक्स के बारे में चर्चा अभी भी एक वर्जित विषय माना जाता है। जब बच्चे सेक्स के बारे में 'असहज' सवाल पूछते हैं तो माता पिता अक्सर शर्मींदिगी महसूस करते हैं।
# माता पिता को सलाह दी जाती है कि बच्चों को घर पर ही सेक्स से संबधित विषयों पर संतुलित तरीके से बताना चाहिए नहीं तो वह बाहर आधी अधूरी जानकारी लेंगे और मिस गाइड होंगे।
# एक मार्डन युग में जब बच्चे स्मार्ट फोन प्रौद्योगिकियों के साथ बड़े होते हैं और टीवी के अलावा उनकी इंटरनेट तक आसानी से पहुँच होने के कारण माता पिता को एहतियाती कदम उठाने होंगे। ताकि सेक्स के बारे में जिज्ञासु सवालों का जवाब खोजने के लिए वो असुरक्षित या अविश्वसनीय स्रोतों का सहारा ना लें।
# यही कारण है कि माता-पिता बच्चों को सेक्स के विषय में उचित ज्ञान दें ताकि बच्चे यौन शिक्षा के बारे में अधकचरी जानकारी ना लें सकें।
# माता-पिता को चतुराई के साथ सेक्स से संबंधित बच्चों के पूछे गए सवालों का जवाब देना चाहिए ताकि वो अविश्वसनीय और भ्रामक असुरक्षित सूत्रों से मिल रही खतरनाक जानकारी से दूर रहें।
# बच्चे का विश्वास इस मायने में जीतना जरुरी है ताकि उसे यह विश्वास रहे कि इस विषय पर कोई भी जानकारी चाहिए तो उसके लिए पेरेंट्स हैं और इसके लिए उसे कहीं और जाने की जरुरत नहीं है।
# बच्चों के लिए क्या अच्छा है और क्या नहीं ये पता होना चाहिए। इसलिए सेक्स के बारे में पर्याप्त जानकारी उन लोगों के साथ साझा किया जाना चाहिए।
# किसी भी विषय का आधा या अनुचित ज्ञान खतरनाक है और इसलिए बच्चों की सवस्थ व अच्छी परवरिश के लिए माता-पिता को उनके साथ यौन संबंध के बारे में बिना किसी झिझक के बात करनी चाहिए।