वैज्ञानिकों ने अलग तरह के कैफीन आधारित रासायनिक यौगिक का विकास किया है, जिससे पार्किंसनरोग को बढ़ने से रोका जा सकता है।
पार्किंसन नामक बीमारी खासकर अधेड़ और बुजुर्ग लोगों के तंत्रिका तंत्र पर हमला करता है। इससे अंगों में अनियंत्रित कंपन होने लगता है, मांसपेशियों में जकड़न आ जाती है और अन्य तरह की समस्याएं पैदा हो जाती हैं।
मस्तिष्क कोशिकाओं (न्यूरॉन) में आघात के कारण डोपामाइन निकलता है, जो इस रोग का कारक है। कनाडा के सस्केचेवान विश्वविद्यालय के अनुसंधानकर्ताओं ने ए-सिनुक्लिन :एएस: नामक प्रोटीन पर ध्यान दिया, जो डोपामाइन नियंत्रण में शामिल होता है।
इसी कड़ी में ‘स्केफोल्ड’ नामक कैफीन की खोज हुई, जिसमें पार्किंसनसे मुकाबले के गुण दिखे।
इस अध्ययन का प्रकाशन एसीएस केमिकल न्यूरोसाइंस जर्नल में हुआ है।
इस अध्ययन का प्रकाशन एसीएस केमिकल न्यूरोसाइंस जर्नल में हुआ है।