हर मिडिल क्लास फैमिली का एक सपना होता है कि उनकी अपनी एक कार हो। लेकिन कार उनके बजट में होना जरुरी है। वैसे तो कई कंपनियां आजकल ऑटो बाजार में ऐसी कारों को पेश कर रही है जो कि कीमतों में कहीं ज्यादा कीफायती हों। लेकिन इन कंपनियों की कारों में भी आप काफी ज्यादा कंफ्यूजन होते है, इसलिए बेहतर होगा कि आप अपनें बजट के अनुसार पहले बाजार में कारों की जानकारी ले ले। ताकि आपको कार खरीदते समय ज्यादा परेशानी ना हो।
ऐसी ही कुछ कारों के बारे में हम आपको बताने जा रहे है जो 5 लाख रुपए कीमत से नीचे की कारे है।रिनॉल्ट क्विड- ऑल्टो को चैलेंज करने वाली रिनॉल्ट की ये कार भारतीय मार्केट में एक तूफान की तरह आयी है। मार्केट में आते ही कार की एक लाख से ज्यादा बुकिंग हो चुकी है। क्विड की विदेशी लुक, अच्छी स्पेस, शानदार इंटीरियर और 2.62 लाख की कीमत ने ग्राहकों का ध्यान खीचा है।
डैटसन रेडी-गो- डैटसन ने जून 2016 में नई कार रेडी-गो हैचबैक को लॉन्च किया था और इसकी कीमत से सभी को हैरान कर दिया था। ये कार काफी कुछ क्विड की तरह है क्योंकि इन दोनों का प्लैटफॉर्म, इंजन और उत्पादन चैन्नई में एक ही जगह से हुआ है। रेडी-गो की कीमत 2.39 लाख से शुरू होती है, जो क्विड और ऑल्टो 800 से भी कम है। एसी, ऑडियो सिस्टम और पॉवर स्टेयरिंग के अलावा कार के फीचर्ज में कुछ खास नहीं है।
मारुति सुजुकी वैगनआर- वैगन आर मारुति सुजुकी की सबसे पुरानी और सबसे ज्यादा बिकने वाली गाड़ियों में से एक है। मारुति की भी दाद देनी होगी कि वो लगातार इस कार में बदलाव करती रही ताकि टेकनीक और लुक में गाड़ी समय के साथ पीछे न रह जाए। वैगन आर में 'R' का मतलब है recreation। कार का डिजाइन ऐसा है जिसमें हेडरूम और स्पेस काफी है। कार ऑडियो सिस्टम, स्टिरिंग वील पर रिमोट कन्ट्रोल आदि से लैस है। वैगन आर 20.51 का एवरेज देगी। कार के सीएनजी संस्करण की कीमत 4.42 लाख रुपये है।
पांच प्रतिशत गिरी बजाज ऑटो की बिक्री
हुंडई इऑन- 2011 में जब हुंडई ने अपनी नई कार इऑन को पेश किया था तब इसकी सीधी तुलना मारुति ऑल्टो से की जा रही थी। हालांकि इऑन देश की सहसे बिकने वाली गाड़ी को पीछे नहीं छोड़ पायी लेकिन हुंडई की बेस्ट गाड़ियों में से एक बन गई। हुंडई इऑन का व्हीलबेस 2380mm है, ग्राउंड क्लियरेंस 170mm जबकि बूट स्पेस 217 लीटर का है। इस कार के टॉप वेरिएंट में एयरबैग को स्टैंडर्ड रखा गया है। साथ ही कार में दो बेसिक स्पीकर, रेडियो के साथ ऑडियो सिस्टम, USB और Aux की सुविधा दी गई है। हुडईं की इयॉन में टिल्ट एडजस्टेबल स्टीयरिंग व्हील भी दिया गया है।
डैटसन गो प्लस- पिछले साल निसान ने अपनी डैटसन की गो प्लस उतारी थी। छोटी एमपीवी भारत में तेज़ी से बढ़ता हुआ सेगमेंट है। भारतीय बाजार में लगातार नई-नई गाड़ियां आ रही हैं। बाजार में पहले से मारुति की एर्टिगा है और होंडा की मोबीलियो है। सेगमेंट के दूसरे सिरे में सुपरहिट इनोवा है और बीच में शेवरले इंजॉय और महिंद्रा की ज़ायलो भी है। पिछले कुछ समय से ग्राहको को 7 सीटों वाली कारों की जरुरतों को देखा गया है। और 7 सीटों वाली ये कारें ग्राहक धड़ाधड़ ख़रीद रहे हैं। ऐसे में निसान की यह नई पेशकश काफ़ी अलग है और ख़ास है। फ़िलहाल गो प्लस के चार वेरिएंट उतारे गए हैं। डी, डी1, ए और टी। कार का आकार दिलचस्प है। यह एमपीवी ऐसी है जो 4 मीटर से छोटी है, इसकी कुल लंबाई 3995 एमएम है।
दिल्ली में इसकी एक्स शोरूम क़ीमत 3.79 से 4.79 लाख के बीच रखी गई है। इसका मतलब कि गो प्लस सबसे छोटी और सबसे सस्ती एमपीवी है। इसमें 1.2 लीटर पेट्रोल इंजन लगा है जिसकी ताक़त 67 बीएचपी की है। इसमें 5 स्पीड गियरबॉक्स लगा है। वहीं इसकी मापी गई माइलेज 20.62 किमी प्रति लीटर की बताई गई है।
ऐसी ही कुछ कारों के बारे में हम आपको बताने जा रहे है जो 5 लाख रुपए कीमत से नीचे की कारे है।रिनॉल्ट क्विड- ऑल्टो को चैलेंज करने वाली रिनॉल्ट की ये कार भारतीय मार्केट में एक तूफान की तरह आयी है। मार्केट में आते ही कार की एक लाख से ज्यादा बुकिंग हो चुकी है। क्विड की विदेशी लुक, अच्छी स्पेस, शानदार इंटीरियर और 2.62 लाख की कीमत ने ग्राहकों का ध्यान खीचा है।
डैटसन रेडी-गो- डैटसन ने जून 2016 में नई कार रेडी-गो हैचबैक को लॉन्च किया था और इसकी कीमत से सभी को हैरान कर दिया था। ये कार काफी कुछ क्विड की तरह है क्योंकि इन दोनों का प्लैटफॉर्म, इंजन और उत्पादन चैन्नई में एक ही जगह से हुआ है। रेडी-गो की कीमत 2.39 लाख से शुरू होती है, जो क्विड और ऑल्टो 800 से भी कम है। एसी, ऑडियो सिस्टम और पॉवर स्टेयरिंग के अलावा कार के फीचर्ज में कुछ खास नहीं है।
मारुति सुजुकी वैगनआर- वैगन आर मारुति सुजुकी की सबसे पुरानी और सबसे ज्यादा बिकने वाली गाड़ियों में से एक है। मारुति की भी दाद देनी होगी कि वो लगातार इस कार में बदलाव करती रही ताकि टेकनीक और लुक में गाड़ी समय के साथ पीछे न रह जाए। वैगन आर में 'R' का मतलब है recreation। कार का डिजाइन ऐसा है जिसमें हेडरूम और स्पेस काफी है। कार ऑडियो सिस्टम, स्टिरिंग वील पर रिमोट कन्ट्रोल आदि से लैस है। वैगन आर 20.51 का एवरेज देगी। कार के सीएनजी संस्करण की कीमत 4.42 लाख रुपये है।
पांच प्रतिशत गिरी बजाज ऑटो की बिक्री
हुंडई इऑन- 2011 में जब हुंडई ने अपनी नई कार इऑन को पेश किया था तब इसकी सीधी तुलना मारुति ऑल्टो से की जा रही थी। हालांकि इऑन देश की सहसे बिकने वाली गाड़ी को पीछे नहीं छोड़ पायी लेकिन हुंडई की बेस्ट गाड़ियों में से एक बन गई। हुंडई इऑन का व्हीलबेस 2380mm है, ग्राउंड क्लियरेंस 170mm जबकि बूट स्पेस 217 लीटर का है। इस कार के टॉप वेरिएंट में एयरबैग को स्टैंडर्ड रखा गया है। साथ ही कार में दो बेसिक स्पीकर, रेडियो के साथ ऑडियो सिस्टम, USB और Aux की सुविधा दी गई है। हुडईं की इयॉन में टिल्ट एडजस्टेबल स्टीयरिंग व्हील भी दिया गया है।
डैटसन गो प्लस- पिछले साल निसान ने अपनी डैटसन की गो प्लस उतारी थी। छोटी एमपीवी भारत में तेज़ी से बढ़ता हुआ सेगमेंट है। भारतीय बाजार में लगातार नई-नई गाड़ियां आ रही हैं। बाजार में पहले से मारुति की एर्टिगा है और होंडा की मोबीलियो है। सेगमेंट के दूसरे सिरे में सुपरहिट इनोवा है और बीच में शेवरले इंजॉय और महिंद्रा की ज़ायलो भी है। पिछले कुछ समय से ग्राहको को 7 सीटों वाली कारों की जरुरतों को देखा गया है। और 7 सीटों वाली ये कारें ग्राहक धड़ाधड़ ख़रीद रहे हैं। ऐसे में निसान की यह नई पेशकश काफ़ी अलग है और ख़ास है। फ़िलहाल गो प्लस के चार वेरिएंट उतारे गए हैं। डी, डी1, ए और टी। कार का आकार दिलचस्प है। यह एमपीवी ऐसी है जो 4 मीटर से छोटी है, इसकी कुल लंबाई 3995 एमएम है।
दिल्ली में इसकी एक्स शोरूम क़ीमत 3.79 से 4.79 लाख के बीच रखी गई है। इसका मतलब कि गो प्लस सबसे छोटी और सबसे सस्ती एमपीवी है। इसमें 1.2 लीटर पेट्रोल इंजन लगा है जिसकी ताक़त 67 बीएचपी की है। इसमें 5 स्पीड गियरबॉक्स लगा है। वहीं इसकी मापी गई माइलेज 20.62 किमी प्रति लीटर की बताई गई है।