हर दवा या सप्लीमेंट को लेने के अपने फायदे और नुकसान होते हैं. ठीक ऐसे ही कन्ट्रासेप्शन पिल्स को लेने के भी अपने फायदे-नुकसान हैं. आमतौर पर अनचाहे गर्भ को रोकने के लिए डॉक्टर्स गर्भनिरोधक गोलियां लेने की सलाह देते हैं लेकिन कई बार गर्भनिरोधक गोलियों को लेने से होने वाले नुकसान डॅाक्टर नहीं बताते हैं. ऐसे में इन गोलियों को लेने से पहले इसके साइड इफेक्ट्स के बारे में भी आपको पता होना चाहिए.
गर्भनिरोधक गोलियां लेने के दौरान हॉर्मोन में उतार-चढ़ाव होता है. कई बार सिरदर्द भी होने लगता है.
पहली बार गर्भनिरोधक गोलियां लेने की वजह से कई महिलाओं का जी मिचलाता है, लेकिन कुछ दिनों में इसका असर हल्का हो जाता है.
गर्भनिरोधक गोलियां लेने के कुछ हफ्ते बाद स्तनों का बढ़ना या उनमें कोमलता जैसे हल्के प्रभाव दिख सकते हैं. स्तनों में कोमलता, गांठ या दर्द महसूस होने पर डॅाक्टर को तुरंत जांच कराएं.
गर्भनिरोधक गोलियां लेने से अक्सर महिलाओं को पीरियेड के दौरान ज्यादा ब्लीडिंग हो सकती हैं.
गर्भनिरोधक गोलियां लेने के दौरान वजन का बढ़ना आम बात है ,अक्सर पानी की कमी की वजह से भी ऐसा हो जाता है.
अक्सर इन गोलियों के सेवन महिलाओं को जलन, खुजली जैसी परेशानियां हो जाती हैं.
गर्भनिरोधक गोलियां लेने के दौरान हॉर्मोन में उतार-चढ़ाव होता है. कई बार सिरदर्द भी होने लगता है.
पहली बार गर्भनिरोधक गोलियां लेने की वजह से कई महिलाओं का जी मिचलाता है, लेकिन कुछ दिनों में इसका असर हल्का हो जाता है.
गर्भनिरोधक गोलियां लेने के कुछ हफ्ते बाद स्तनों का बढ़ना या उनमें कोमलता जैसे हल्के प्रभाव दिख सकते हैं. स्तनों में कोमलता, गांठ या दर्द महसूस होने पर डॅाक्टर को तुरंत जांच कराएं.
गर्भनिरोधक गोलियां लेने से अक्सर महिलाओं को पीरियेड के दौरान ज्यादा ब्लीडिंग हो सकती हैं.
गर्भनिरोधक गोलियां लेने के दौरान वजन का बढ़ना आम बात है ,अक्सर पानी की कमी की वजह से भी ऐसा हो जाता है.
अक्सर इन गोलियों के सेवन महिलाओं को जलन, खुजली जैसी परेशानियां हो जाती हैं.