मोटापे से बचना है तो बेपरवाह जीवनशैली और खराब खान-पान से करें तौबा

 शराब, जंक फूड और बेपरवाह शहरी जीवनशैली के कारण युवा मोटापा के अधिक शिकार हो रहे हैं। इसमें से बहुत सारे लोग यह भी महसूस नहीं करते कि यह एक विकार है और इससे स्वास्थ्य को जोखिम है।
दिल्ली और पड़ोसी क्षेत्र के 1,000 से अधिक लोगों पर किये गये एक अध्ययन में ‘चौंकाने’ वाला यह तथ्य सामने आया है। पिछले तकरीबन एक महीने में किये गये अध्ययन में 20 से 45 साल के आयुवर्ग के लोगों को इसमें शामिल किया गया।
मैक्स इंस्टीच्यूट ऑफ मिनिमल ऐक्सेस, मेटाबोलिक एंड बैरीऑटिक सर्जरी के अध्यक्ष डॉक्टर प्रदीप चौबे ने बताया, ‘इस सर्वेक्षण में हिस्सा लेने वाले 80 प्रतिशत से अधिक लोग (पुरुष और महिला दोनों) ने बताया कि उनका बॉडी मास इंडेक्स (बीएमआई) 25 किलोग्राम प्रति वर्ग मीटर का था लेकिन केवल करीब 21 प्रतिशत लोगों ने खुद को मोटा या अधिक वजन का माना।’ 
उन्होंने बताया, ‘यह दोनों ही बात चौंकाने वाली और चिंताजनक है कि युवा, एक विकार या बीमारी के रूप में मोटापा पर विचार नहीं करते। उन्हें यह पता नहीं है कि यह अकेले उनके स्वास्थ्य के लिए खतरा हो सकता है।’ 
‘पर्सेप्शन एंड अवेयरनेस रिगार्डिंग बैरिएटिक सर्जरीकल प्रसीजर एंड इटस बेनिफिट’ नामक शीषर्क से एक तीसरे पक्ष ने मैक्स हेल्थकेयर के लिए यह अध्ययन किया है जिसमे दिल्ली और एनसीआर के सभी जोनों को शामिल किया गया है। इसमें मोटापा घटाने और वजन घटाने के लिए सर्जरी कराने वाले सामान्य दिल्ली की आबादी के नजरिए और अनुभवों की पड़ताल की गयी है। उन्होंने बताया, ‘शराब, जंक फूड खाना बेपरवाह महानगरीय जीवनशैली का हिस्सा हो गया है जो वास्तव में दिल्ली जैसे महानगरों के लोगों में तेजी से फैल रही है और इससे 20 से 30 साल के लोग बुरी तरह प्रभावित हुये हैं। और इससे महिलाएं, पुरुष के मुकाबले ज्यादा प्रभावित हो रही हैं।’
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DD Girnar

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