क्या पिंपल्स किसी की मौत का कारण बन सकता है। अगर आप कहेंगे नहीं तो यह सरासर गलत है। आज के समय में एक पिंपल भी किसी की मौत का कारण बन सकता है। ऐसी घटना मध्य प्रदेश में हुई है।
पिंपल्स होने से दुखी थी लड़की
मध्यप्रदेश के धार जिले की एक लड़की ने अपनी जान सिर्फ इसलिए दे दी क्योंकि वो अपने चेहरे पर आए पिंपल्स से परेशान थी। उस लड़की को पिंपल्स बिल्कुल भी पसंद नहीं थे। वह अपने पिंपल्स से इस कदर परेशान थी कि वह डिप्रेशन में आ गई थी।
नहीं हो रहा था इलाज
यह मामला धार जिले के राजगढ़ कस्बे का है। जहां दामिनी जैन मुंहासों से परेशान थी। डॉक्टरों के इलाज से कोई फर्क नहीं पड़ रहा था। इस वजह से वो अवसाद में आ गई। उसने पहले कॉलेज जाना छोड़ा और फिर घर से निकलना ही बंद कर दिया। दामिनी के पिता सुनील जैन ने उसे भरोसा दिलाया था कि वो उसे इंदौर के किसी अच्छे डॉक्टर को दिखाएंगे लेकिन दामिनी ने सब्र खो दिया।
जहर खाकर दे दी जान
दामिनी पिंपल्स को लेकर इतनी परेशान हो गई कि उसने जहर खा लिया। घरवाले जब उसके कमरे में गए तो इस बात का पता चला। फौरन उसे अस्पताल ले जाया गया। वहां से उसे इलाज के लिए राजगढ़ से इंदौर रैफर कर दिया गया। जहां इलाज के दौरान बुधवार को उसकी मौत हो गई।
छोड़ दिया था कॉलेज जाना
दरअसल दामिनी का पूरा चेहरा मुंहासों से भर गया था। वो रात दिन इसी बात से परेशान रहती थी। अब उसके परिवार वालों का रो-रोकर बुरा हाल है। परिवार के मुताबिक दामिनी का 2 से 3 डॉक्टरों के पास इलाज चल रहा था लेकिन बावजूद इसके कोई खास फर्क नहीं पड़ा। इसी के चलते उसने कॉलेज जाना भी बंद कर दिया था।
एमबीए की थी स्टूडेंट
दामिनी एमबीए की स्टूडेंट थी और धार जिले के कॉलेज से पढ़ाई कर रही थी। उसके इस खौफनाक कदम को लेकर हर कोई हैरान है।
पिंपल्स होने से दुखी थी लड़की
मध्यप्रदेश के धार जिले की एक लड़की ने अपनी जान सिर्फ इसलिए दे दी क्योंकि वो अपने चेहरे पर आए पिंपल्स से परेशान थी। उस लड़की को पिंपल्स बिल्कुल भी पसंद नहीं थे। वह अपने पिंपल्स से इस कदर परेशान थी कि वह डिप्रेशन में आ गई थी।
नहीं हो रहा था इलाज
यह मामला धार जिले के राजगढ़ कस्बे का है। जहां दामिनी जैन मुंहासों से परेशान थी। डॉक्टरों के इलाज से कोई फर्क नहीं पड़ रहा था। इस वजह से वो अवसाद में आ गई। उसने पहले कॉलेज जाना छोड़ा और फिर घर से निकलना ही बंद कर दिया। दामिनी के पिता सुनील जैन ने उसे भरोसा दिलाया था कि वो उसे इंदौर के किसी अच्छे डॉक्टर को दिखाएंगे लेकिन दामिनी ने सब्र खो दिया।
जहर खाकर दे दी जान
दामिनी पिंपल्स को लेकर इतनी परेशान हो गई कि उसने जहर खा लिया। घरवाले जब उसके कमरे में गए तो इस बात का पता चला। फौरन उसे अस्पताल ले जाया गया। वहां से उसे इलाज के लिए राजगढ़ से इंदौर रैफर कर दिया गया। जहां इलाज के दौरान बुधवार को उसकी मौत हो गई।
छोड़ दिया था कॉलेज जाना
दरअसल दामिनी का पूरा चेहरा मुंहासों से भर गया था। वो रात दिन इसी बात से परेशान रहती थी। अब उसके परिवार वालों का रो-रोकर बुरा हाल है। परिवार के मुताबिक दामिनी का 2 से 3 डॉक्टरों के पास इलाज चल रहा था लेकिन बावजूद इसके कोई खास फर्क नहीं पड़ा। इसी के चलते उसने कॉलेज जाना भी बंद कर दिया था।
एमबीए की थी स्टूडेंट
दामिनी एमबीए की स्टूडेंट थी और धार जिले के कॉलेज से पढ़ाई कर रही थी। उसके इस खौफनाक कदम को लेकर हर कोई हैरान है।