सुनने में आपको अचरज होगा, लेकिन भारत में एक मंदिर ऐसा भी है जो रोजाना दो बार गायब हो जाता है। यहां आने वाले भक्त रोज इस मंदिर को गायब होते देखते हैं।
गुजरात के वड़ोदरा से कुछ दूरी पर स्तंभेश्वर महादेव मंदिर को 'गायब मंदिर' नाम से भी जाना जाता है। स्तंभेश्वर नाम का यह मंदिर सुबह और शाम को पलभर के लिए ओझल हो जाता है।
ओझल होने के कुछ समय बाद ही ये मंदिर अपने स्थान पर नजर आने लगता है। इस गायब होने वाले मंदिर को देखने लोग दूर-दूर से पंहुचते हैं।
समुद्र किनारे मंदिर होने की वजह से जब भी ज्वार-भाटा उठता है तब पूरा मंदिर समुद्र में समा जाता है।
यही वजह है कि लोग मंदिर के दर्शन तभी तक कर सकते हैं, जब तक समुद्र में ज्वार कम हो।
बरसों से रोजाना शिवलिंग ज्वार के समय जलमग्न हो जाता है। उस दौरान इस मंदिर तक कोई व्यक्ति नहीं पहुंच सकता।
अरब सागर के मध्य कैम्बे तट पर स्थित इस मंदिर में भक्तों का तांता लगा रहता है।
गुजरात के वड़ोदरा से कुछ दूरी पर स्तंभेश्वर महादेव मंदिर को 'गायब मंदिर' नाम से भी जाना जाता है। स्तंभेश्वर नाम का यह मंदिर सुबह और शाम को पलभर के लिए ओझल हो जाता है।
ओझल होने के कुछ समय बाद ही ये मंदिर अपने स्थान पर नजर आने लगता है। इस गायब होने वाले मंदिर को देखने लोग दूर-दूर से पंहुचते हैं।
समुद्र किनारे मंदिर होने की वजह से जब भी ज्वार-भाटा उठता है तब पूरा मंदिर समुद्र में समा जाता है।
यही वजह है कि लोग मंदिर के दर्शन तभी तक कर सकते हैं, जब तक समुद्र में ज्वार कम हो।
बरसों से रोजाना शिवलिंग ज्वार के समय जलमग्न हो जाता है। उस दौरान इस मंदिर तक कोई व्यक्ति नहीं पहुंच सकता।
अरब सागर के मध्य कैम्बे तट पर स्थित इस मंदिर में भक्तों का तांता लगा रहता है।